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Journalism

“मैं न्यूज़ एंकर नहीं रहा, न्यूज़ क्यूरेटर बन गया हूं”

रवीश कुमार अख़बार पढ़ लेने से अख़बार पढ़ना नहीं आ जाता है। मैं आपके विवेक पर सवाल नहीं कर रहा। ख़ुद का अनुभव ऐसा रहा है। कई साल तक अख़बार पढ़ने के बाद समझा कि विचारों से पहले सूचनाओं की विविधता ज़रूरी है। सूचनाओं की विविधता आपको ज़िम्मेदार बनाती हैं। ...

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बिज़नेस चैनल का एक दिन और पत्रकारिता

A Day of Business Channel and Journalism नीरज कुमार कोई बिज़नेस चैनल देखिए.पहली बार में शायद ही आपके पल्ले पड़े कि क्या बोला जा रहा है, क्यों बोला जा रहा है.जो आंकड़े या चार्ट दिखाए रहे हैं, उनके मायने क्या हैं.ऐसा आपके साथ तब भी हो सकता है, जब आप ...

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हर ख़बर सच नहीं, हर सच ख़बर नहीं

सुभाष धूलिया| आज यह कहा जाता है कि मानव सभ्यता सूचना युग में प्रवेश कर रही है। पिछले 50 वर्षों में संचार और सूचना के क्षेत्र में एक क्रांति आई है। आज दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली किसी घटना की जानकारी हमे चंद पलों में मिल जाती ...

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News Reporting: Finding Sources and Critical Analysis

Lars Møller Trainer, BBC iLearn All reporting begins with the research. To fill in a news report or any other story the journalist needs some specific information to report. Journalists gather information three different ways: 1. from written sources, e.g. documents, files, minutes, reports, books. 2. from oral sources through ...

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Core Concepts Journalistic Writings

Subhash Dhuliya Defining News News is a report of any current event, idea or problem which interest large number of people BUT it acquires different meanings and concepts in different political, economic and socio-cultural environment. 1. News is new information 2. News is looking at a subject from a new ...

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कहाँ होती है असली ख़बर?

क़मर वहीद नक़वी। एक पत्रकार में सबसे बड़ा गुण क्या होना चाहिए? बाक़ी बातें तो ठीक हैं कि विषय की समझ होनी चाहिए, ख़बर की पकड़ होनी चाहिए, भाषा का कौशल होना चाहिए आदि-आदि। लेकिन मुझे लगता है कि एक पत्रकार को निस्सन्देह एक सन्देहजीवी प्राणी होना चाहिए, उसके मन ...

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पीत पत्रकारिता : दाव पर पत्रकारीय सिद्धांतों की साख

राजेश कुमार पत्रकारिता अभिव्यक्ति का एक माध्यम है। जिसके जरिए समाज को सूचित, शिक्षित और मनोरंजित किया जाता है। पत्रकारिता के माध्यम से आने वाले किसी भी संदेश का समाज पर व्यापक असर पड़ता है, जिसके जरिए मानवीय व्यवहार को निर्देशित और नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसे में एक ...

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Developing Ideas and Cultivating Sources

DEVELOPING STORY IDEAS & SOURCESProf. Subhash Dhuliya How do you determine whether a current idea, event or problem is news? How do you recognize it, separating swiftly the news and the non-news in what happens? How can you be sure that it will interest readers, listener’s viewers? To answer these ...

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क्या यही हिंदी पत्रकारिता का ‘स्वर्णयुग’ है?

– आनंद प्रधान (एसोशिएट प्रोफ़ेसर, भारतीय जनसंचार संस्थान ) क्या १८८ साल की भरी–पूरी उम्र में कई उतार–चढाव देख चुकी हिंदी पत्रकारिता का यह ‘स्वर्ण युग’ है? जानेमाने संपादक सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने बहुत पहले ८०–९० के दशक में ही यह एलान कर दिया था कि यह हिंदी पत्रकारिता का ‘स्वर्ण ...

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आवाज़ का ही दूसरा नाम है प्रसारण

हर्ष रंजन। अगर हम कहें कि आवाज़ का ही दूसरा नाम प्रसारण है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। आवाज़ ही प्रसारण के लिए सब कुछ है। प्रसारण की दुनिया में काम करने की पहली और आखिरी शर्त आवाज़ ही होती है। आपकी आवाज़ प्रसारण योग्य हो तभी रेडियो जॉकी या समाचार ...

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समाचार, सिद्धांत और अवधारणा: समाचार क्‍या है?

सुभाष धूलिया समाचार क्‍या है? पत्रकारिता के उदभव और विकास के पूरे दौर में इस प्रश्‍न का सर्वमान्‍य उत्‍तर कभी किसी के पास नहीं रहा। आज प‍त्रकारिता और संपूर्ण और संपूर्ण मीडिया जगत की तेजी से बदलती तस्‍वीर से इस प्रश्‍न का उत्‍तर और भी जटिल होता जा रहा है। ...

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