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किसके प्रति उत्तरदायी है मीडिया?

सत्येंद्र रंजन | कभी मीडिया खुद को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताकर गर्व महसूस करता था। यह बात आज भी कही जाती है, लेकिन तब जबकि सरकार या संसद की तरफ से उसके लिए कुछ कायदे बनाने की मांग या चर्चा शुरू होती है। बाकी समय में मीडिया लोकतंत्र की ...

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डाटा जर्नलिज्म : सूचनाओं के महासागर से कैसे निकालें खबर ?

Amit Dutta 1. डाटा जर्नलिज्म क्या है? 2. डाटा जर्नलिज्म का इतिहास 3. डाटा जर्नलिज्म की अहमियत (परिभाषाएं) 4. खबरों में आँकड़ों का इस्तेमाल जरूरी क्यों? 5. आँकड़े कहां से जुटाएं? 6. आँकड़ों को कैसे समझें 7. आसान शब्दों में आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण 8. भारत में डाटा जर्नलिज्म 9. डाटा ...

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समाचार, सिद्धांत और अवधारणा: स्रोत और पत्रकारिता

सुभाष धूलिया पत्रकारिता और स्रोत के आपसी संबंधों से ही किसी भी समाज में पत्रकारिता का स्‍वरूप निर्धारित होता है। प्रेस की स्‍वतंत्रता का अर्थ ही यही है कि समाचारों के विविध और बहुत स्रोत उपलब्‍ध होते हैं और उनके द्वारा दी गई सूचना और जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित ...

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ख़बरों का अद्भुत संसार, छवियां और यथार्थ

सुभाष धूलिया। व्यवस्था के भीतर भी वस्तुपरक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक है कि सत्ता और पत्रकार के बीच एक ‘सम्मानजक दूरी’ बनाए रखी जाए। लेकिन आज जो रुझान सामने आ रहे हैं उसमें यह दूरी लगातार कम होती जा रही है और मीडिया पर सत्ता के प्रभाव में ...

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बादलों के देश से विज्ञान लोक में

देवेंद्र मेवाड़ी। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरते समय मन में सिर्फ मुंबई था। वहां दो दिन तक बच्चों के लिए क्रिएटिव विज्ञान लेखन पर दूसरे रचनाकारों को सुनना और अपने अनुभव सुनाना था। लेकिन, विमान ज्यों-ज्यों हजार-दर-हजार फुट की ऊंचाइयां पार कर ऊपर उठता गया, पता लगा ...

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अनुवाद और हिंदी पत्रकारिता

महेंद्र नारायण सिंह यादव सामान्य तौर पर अनुवाद को पत्रकारिता से अलग, और साहित्य की एक विशिष्ट विधा माना जाता है, जो कि काफी हद तक सही भी है। हालाँकि हिंदी पत्रकारिता में अनुवाद कार्य एक आवश्यक अंग के रूप में शामिल हो चुका है और ऐसे में हिंदी तथा ...

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हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता

श्‍याम कश्‍यप हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता हिन्दी साहित्य के विकास का अभिन्न अंग है। दोनों परस्पर एक-दूसरे का दर्पण हैं। इस दृष्टि से दोनों में द्वन्द्वात्मक (डायलेक्टिकल) और आवयविक (ऑर्गेनिक) एकता सहज ही लक्षित की जा सकती है। वस्तुतः हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता हमारे आधुनिक साहित्यिक इतिहास का अत्यंत गौरवशाली ...

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मीडिया ने अपनी पत्रकारीय जिम्मेदारी खो दी है

संतोष भारतीय प्रधान संपादक, चौथी दुनिया वे कैसे संपादक हैं, जो सामने आई स्क्रिप्ट में से सत्य नहीं तलाश सकते या ये नहीं तलाश सकते कि इसमें कहां मिर्च-मसाला मिला हुआ है। आप भारतीय जनता को, भारत के दर्शक को वो दे रहे हैं, जो नहीं देना चाहिए। ये सिर्फ ...

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एक सेलिब्रिटी की मौत पर TRP की दौड़ में लगे चैनलों ने गिराया पत्रकारिता का स्तर

  सुधीर चौधरी   इस बार श्रीदेवी को लेकर इतनी आलोचना हो गई थी कि एक बारगी सबको लग रहा था कि कहीं सोशल मीडिया की आलोचना टीआरपी ना खा जाए। लेकिन बीते गुरुवार को सुबह जैसे ही टीआरपी आई, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दिग्गज हैरान रह गए। इतना बड़ा उलटफेर पिछले ...

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हिन्दी पत्रकारिता में अनुवाद धर्म

प्रियदर्शन ‘फेबुलस फोर’ को हिन्दीध में क्या लिखेंगे? ‘यूजर फ्रेंडली’ के लिए क्यों शब्दफ इस्तेकमाल करना चाहिए? क्या ‘पोलिटिकली करेक्ट ‘ के लिए कोई कायदे का अनुवाद नहीं है? ऐसे कई सवालों से इन दिनों हिंदी पत्रकारिता रोज जूझ रही है। अक्सरर उसे बिल्कु ल सटीक अनुवाद नहीं मिलता और ...

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पूंजी की पत्रकारिता

प्रियदर्शन हिन्दी पत्रकारिता की दुनिया इन दिनों हलचलों से भरी है। जो कभी छोटे और मझोले अखबार कहलाते थे, उनके कई-कई संस्क रण दिखाई पड़ रहे हैं। वे अपने राज्योंख और जिलों की सीमाएं लांघ रहे हैं और दूर-दराज के इलाकों में फैल-पसर रहे हैं। कई जगहों पर वे राष्ट्री ...

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विभाजित दुनिया, विखंडित मीडिया

समकालीन मीडिया परिदृश्य विभाजित दुनिया, विखंडित मीडिया सुभाष धूलिया समकालीन मीडिया परिदृश्य अपने आप में अनोखा और बेमिसाल है। जनसंचार के क्षेत्र में जो भी परिवर्तन आए और जो आने जा रहे है उनको लेकर कोई भी पूर्व आकलन न तो किया जा सका था और ना ही किया जा ...

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