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Radio & TV Journalism

समाचार संग्रह: खबरें खोज निकालने की समस्या, पर लाएं कहां से?

शैलेश एवं ब्रजमोहन | रिपोर्टर के लिए जरूरी नहीं है कि वो खबर में हमेशा अपने सूत्र के नाम का खुलासा करे। रिपोर्टर को अपने सूत्र के बारे में दूसरों को कभी जानकारी नही देनी चाहिए। जरूरी हो, तो रिपोर्टर को अपने सूत्र का नाम छिपाना चाहिए। खासकर तब जब ...

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टेलीविज़न पत्रकारिता

आधुनिक समाज के निर्माण में संचार की अहम भूमिका है । सूचनाओं के आदान प्रदान की प्रवृत्ति के साथ साथ इसका दायरा बढना भी विकास के आधारभूत तत्वों में से एक है । सामान्य तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति का सूचना साझा करना भी संचार है किंतु जब ...

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डेडलाइन को ध्यान में रखकर लिखना

आलोक वर्मा | काम के साथ-साथ ही लिखते जाइए जब डेडलाइन सर पर हो तो टुकड़ो में लिखना सीखिए। जैसे-जैसे काम होता जाए आप स्टोरी लिखते जाएं। मान लीजिए कि आपने किसी से फोन पर अपनी स्टोरी के सिलसिले में कुछ पूछा है और दूसरी तरफ से थोड़ा समय लिया ...

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टीवी न्यूज ऐंकरिंग के लिए जरूरी हैं यह बातें

शालिनी जोशी,असिस्टेंट प्रोफेसर,मीडिया स्टडीज हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विवि,जयपुर न्यूज ऐंकर टीवी पर समाचारों को प्रस्तुत करता है और स्टुडियो डिस्कशंस संचालित करता है. टेलीविजन समाचार तैयार करने और उसके प्रसारण के लिये भले ही एक बड़ी टीम होती है लेकिन बड़ा श्रेय न्यूज ऐंकर को ही मिलता है. ...

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मैं मुख्य समाचारों को कैसे पेश करूं- हेडलाइंस

आलोक वर्मा |  लीड लिखना: लीड की हिंदी मत बनाइए, इसे लीड कहकर ही समझिए क्योंकि इसी शब्द का हर जगह इस्तेमाल होता है। लीड लिखने का मतलब है स्टोरी को शुरू करना…आप कैसे शुरू करें!! कई कापी एडीटर्स का ये मानना है कि अगर आपकी स्टोरी शूरू में ही धड़ाम ...

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महान अभिनेता ओमपुरी के जीवन को याद करते हुए….

फिल्म देखने और समझने के अपने अनुभवों के बीच जब हम ठहर कर अपने आप से पूछते है कि कोई कलाकार, कोई किरदार हमारे लिए महत्वपूर्ण क्यों है या कि उस कलाकार की संपूर्ण कला-यात्रा को कैसे समझा जाए? तो महसूस करते है कि पर्दे पर किसी किरदार, कलाकार की ...

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स्टिंग ऑपरेशन के लिए खुफिया कैमरे का चुनाव

डॉ. सचिन बत्रा | आज के दौर में किसी भी अनियमितता, गैरकानूनी काम, भ्रष्टाचार या षड़यंत्र को उजागर करने के लिए सुबूतों की ज़रूरत होती है। हमारे देश में मीडिया इसी प्रकार सुबूतों को जुटाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन करता है और स्पाय यानी खुफिया कैमरों का इस्तेमाल कर गलत ...

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टेलीविज़न जर्नलिज्म: रिपोर्टिंग के प्रकार

शैलेश और डॉ. ब्रजमोहन। टेलीविजन पर दर्शकों को सभी खबरें एक समान ही दिखती हैं, लेकिन रिपोर्टर के लिए ये अलग मायने रखती है। एक रिपोर्टर हर खबर को कवर नहीं करता। न्‍यूज कवर करने के लिए रिपोर्टर के क्षेत्र (विभाग) जिसे तकनीकी भाषा में ‘बीट’ कहा जाता है, बंटे ...

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टीवी मीडिया के न्यूज फॉर्मेट (पार्ट-3)

संदीप कुमार। एंकर विजुअल/शॉट (Anchor VO, Anchor Shot, STD/VO) टीवी न्यूज मीडिया का लोकप्रिय और सबसे ज्यादा चलने वाला फॉर्मेट एंकर विजुअल (या एंकर शॉट, एंकर वीओ) होता है। इसे अलग-अलग न्यूज चैनलों में अलग-अलग नाम से भी जाना जाता है। कई चैनलों में एंकर विजुअल को STD/VO भी कहा ...

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टीवी मीडिया के न्यूज फॉर्मेट (पार्ट-2)

संदीप कुमार। ब्रेकिंग ब्रेकिंग न्यूज टीवी मीडिया की धड़कन है। अक्सर टीवी स्क्रीन पर ब्रेकिंग न्यूज फ्लैश होती रहती है। शायद ही कोई बुलेटिन हो, जिसमें कोई न कोई ब्रेकिंग न्यूज न हो। ब्रेकिंग न्यूज सिर्फ कोई नई खबर या अप्रत्याशित खबर नहीं होती है। किसी खबर का अपडेट भी ...

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टीवी रिपोर्टिंग: सबसे तेज, लेकिन कठिन और चुनौती भरा काम

शैलेश और डॉ. ब्रजमोहन। पत्रकारिता में टीवी रिपोर्टिंग आज सबसे तेज, लेकिन कठिन और चुनौती भरा काम है। अखबार या संचार के दूसरे माध्‍यमों की तरह टीवी रिपोर्टिंग आसान नहीं। टेलीविजन के रिपोर्टर को अपनी एक रिपोर्ट फाइल करने के लिए लम्‍बी मशक्‍कत करनी पड़ती है। रिपोर्टिंग के लिए निकलते ...

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मीडिया के बदलते आयाम

आलोक वर्मा। आज पूरी दुनिया में शायद एक थी ऐसी जगह ढूंढ पाना मुश्किल होगा जहां मीडिया और संचार के तमाम माध्यम अपनी पैठ न चुके हों। हम कहीं भी जाएं, किसी से भी मिल-मीडिया और संचार के माध्यम हमे अपने आस-पास नजर आ ही जाते हैं। मीडिया के कई ...

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