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Online Journalism

वास्‍तविक खतरे के आभासी औजार

अभिषेक श्रीवास्‍तव। ”मेरे ख्‍याल से हमारे लिए ट्विटर की कामयाबी इसमें है, जब लोग इसके बारे में बात करना बन्‍द कर दें, जब हम ऐसी परिचर्चाएं करना बन्‍द करें और लोग इसका इस्‍तेमाल सिर्फ एक उपयोगितावादी औजार के रूप में करने लगें, जैसे वे बिजली का उपयोग करते हैं। जब ...

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इंटरनेट ने बदला पत्रकारिता का स्वरूप

हर्षदेव। समाचार लेखन के लिए पत्रकारों को जो पांच आधारभूत तत्व बताए जाते हैं, उनमें सबसे पहला घटनास्थल से संबंधित है। घटनास्थल को इतनी प्रमुखता देने का कारण समाचार के प्रति पाठक या दर्शक का उससे निकट संबंध दर्शाना है। समाचार का संबंध जितना ही समीपी होता है, पाठक या ...

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वेब मीडिया: चुनौतियां एवं संभावनाए

सुनील श्रीवास्तव। यह समय संचार क्रान्ति का है। वेब मीडिया का कैनवास निरन्तर बड़ा होता जा रहा है‚ इसके आयाम भी बदले हैं। वेब मीडिया ने पारम्परिक संचार माध्यमों को पीछे छोड़ उस पर अपना अधिकार पूर्णतयः भले ही न जमा लिया हो‚ लेकिन अपनी जमीन भविष्य के लिए पुख्ता ...

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ब्लॉगिंग : बांटिये अपनी पसंद लोगों में साथ

अशोक पान्डे। इन्टरनेट पर अपने अनुभव बाकी लोगों के साथ बांटने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक तरह की व्यक्तिगत डिजिटल डायरी के लिए वैब्लॉग शब्द का प्रयोग सबसे पहले 17 दिसम्बर 1997 को जोर्न बार्जर द्वारा किया गया था। बार्जर रोबोट विस्डम नाम की अपनी एक वैबसाइट पर ...

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क्या ख़ास है वेब दुनिया में?

शिवप्रसाद जोशी और शालिनी जोशी |  वेब पत्रकारिता कोई कम्प्यूटर पर अख़बार नहीं है. न ही ये ब्राउज़र से संचालित कोई प्रसारण केंद्र है. ये पारंपरिक मीडिया से कई मानों में भिन्न हैः अपनी क्षमता, लचीलेपन, तात्कालिकता, स्थायित्व और पारस्परिकता से. क्षमताः अख़बार का एक रिपोर्टर अपनी स्टोरी को पांच ...

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यहाँ जानिए दुनियाभर में ई- न्यूज़पेपर के विकास की कहानी

डॉ. कीर्ति सिंह | प्रिंट पत्रकारिता सभी प्रकार की पत्रकारिताओं की जननी है। ऑनलाइन होने के मुकाम तक पहुंचने के लिए इसे सालों का सफर तय करना पड़ा। स्वरूप, प्रस्तुतिकरण, विषय वस्तु में निरंतर बदलाव करके और नई-नई तकनीकों के साथ सामंजस्य स्थापित कर प्रिंट पत्रकारिता सर्वाधिक परिवर्तन के दौर ...

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इंटरनेट पर समाचार पारम्परिक शैली से कैसे अलग हैं?

शालिनी जोशी | वेब समाचार आखिर पारंपरिक मीडिया के समाचारों से कैसे अलग है. इसमें ऐसा क्या विशिष्ट है जो इसे टीवी, रेडियो या अख़बार की ख़बर से आगे का बनाता है, उसे और व्यापक बना देता है. कहने को तो वेब समाचार वैसा ही है जैसा पारंपरिक मीडिया का ...

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बदलते दौर के साथ सोशल मीडिया का सामाजिक दायरा

विजय प्रताप। तकनीकी विकास के हर दौर में मीडिया का सत्ता और सरकार से अहम रिश्ता रहा है। भारत में अंग्रेजों के शासनकाल के समय प्रिंट मीडिया यानी प्रेस की भूमिका का जिक्र हो या अंग्रेजों के जाने के बाद दूरदर्शन और आकाशवाणी के जरिये सरकारी योजनाओं व नीतियों का ...

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