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लॉकडाउन: न्यूज़ चैनलों को खूब देख रहें हैं लोग

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साभार: समाचार4मीडिया
नीलसन-बार्क रिपोर्ट के दूसरे एडिशन के अनुसार, कोरोनावायरस महामारी से पहले की तुलना में लॉकडाउन के दूसरे हफ्ते में टीवी न्यूज की व्युअरशिप काफी बढ़ी है

कोरोनावायरस (COVID-19) महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए लॉकडाउन के बाद से टीवी पर न्यूज बहुत ज्यादा देखी जा रही है और इन आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। इस महामारी के प्रकोप से पहले की तुलना में अब इसकी ग्रोथ 298 प्रतिशत बढ़ गई है। संकट की इस घड़ी में टीवी व्युअरशिप के बारे में नीलसन-बार्क (Nielsen-BARC) की रिपोर्ट के दूसरे एडिशन के तहत इस तरह के डाटा सामने आए हैं।

इस रिपोर्ट में जनरल न्यूज जॉनर को लेकर दूसरे से चौथे हफ्ते के बीच (11 जनवरी से 31 जनवरी) और 12वें हफ्ते (21 मार्च से शुरू) के बीच हुई ग्रोथ की तुलना की गई है। बिजनेस न्यूज कैटेगरी में भी 180 प्रतिशत की तेजी देखी गई है।

इस बीच बार्क के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में नॉन प्राइम टाइम और प्राइम टाइम दोनों स्लॉट्स में टीवी की कुल व्युअरशिप में न्यूज की भागीदारी सात से 21 प्रतिशत बढ़ी है। न्यूज चैनल्स के इंप्रेशंस को देखें तो इस बढ़ोतरी का पता आसानी से लग जाता है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न भाषाओं के न्यूज चैनल्स में बहुत ज्यादा ग्रोथ देखी गई है। उदाहरण के लिए हिंदी न्यूज जॉनर में ‘आजतक’ (AajTak) के इंप्रेशंस की ग्रोथ में एक हफ्ते में 100 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 11वें हफ्ते में जहां चैनल के इंप्रेशंस की संख्या 216024000 थी, वह 12वें हफ्ते में बढ़कर 532102000 हो गई।
‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) ने पिछले हफ्ते 130035000 इंप्रेशंस के मुकाबले इस हफ्ते 340659000 इंप्रेशंस दर्ज किए हैं। चैनल की व्युअरशिप में लगभग 160 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। (All India (U+R) : NCCS AB : Males 22+ Individuals category) के अनुसार यह इस हफ्ते में दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला हिंदी न्यूज चैनल बन गया है, जबकि पिछले हफ्ते इस लिस्ट में यह पांचवे नंबर पर था।

COVID-19 के दौरान फर्जी खबरों में भारी उछाल देखने को मिला है, जिससे लोगों में दहशत और अनिश्चितता फैली है। हमने कोरोना महामारी के प्रसार का मुकाबला करने और केवल विश्वसनीय व सत्यापित खबरों के साथ अपने दर्शकों को सशक्त बनाने  पर ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है  

नीलसन-BARC की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान तमाम दर्शक अलग-अलग चैनल्स के जरिए खबरे देखते रहें। वैसे तो सामान्य परिस्थितियों में हिंदी न्यूज चैनल के 30 प्रतिशत दर्शक केवल 1 ही चैनल देखते हैं, लेकिन 12वें हफ्ते में यह घटकर 18% हो गया है। यानी कि दर्शकों ने खबरों के लिए अन्य चैनल्स पर भी अपनी नजर बनाए रखी।

हालांकि, यहां सिर्फ हिंदी चैनल ही नहीं हैं, जो अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, बल्कि इंग्लिश कैटेगरी के चैनल्स भी अपनी रेटिंग से आगे निकल गए हैं। उदाहरण के लिए, ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic Tv) को देखें, तो इस चैनल ने 12वें हफ्ते में 1,96,2000 इंप्रेशन्स दर्ज किए हैं, जबकि 11वें हफ्ते में चैनल की रेटिंग 8,52000 इंप्रेशन्स ही थी।

‘टाइम्स नाउ’ (Times Now) ने भी रेटिंग में 100 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। चैनल की 11वें हफ्ते रेटिंग 6,44,000 इंप्रेशन्स थी, जबकि 12वें हफ्ते में चैनल की रेटिंग 13,75,000 इंप्रेशन्स दर्ज की गई है। इससे पहले सप्ताह में भी चैनल की रेटिंग में भारी उछाल देखा गया था, जब चैनल की रेटिंग 5,01000 इंप्रेशन्स थी।

इस अभूतपूर्व वृद्धि में योगदान देने वाले कारकों के बारे में बात करते हुए ‘टाइम्स नाउ’ के एडिटर-इन-चीफ राहुल शिवशंकर ने कहा कि ‘टाइम्स नाउ’ पिछले कई वर्षों से एक न्यूज लीडर रहा है। बड़ी खबरें ब्रेक करने की वजह से यह दर्शकों के लिए यह एक पसंदीदा न्यूज प्लेटफार्म है। इस चैनल की पत्रकारिता 2 बुनियादी बातों पर निर्मित है: सत्यापित तथ्य (verified facts) और गहन जांच-पड़ताल (relentless investigation)। और वैसे भी COVID-19 के दौरान फर्जी खबरों में भारी उछाल देखने को मिला है, जिससे लोगों में दहशत और अनिश्चितता फैली है। हमने कोरोना महामारी के प्रसार का मुकाबला करने और केवल विश्वसनीय व सत्यापित खबरों के साथ अपने दर्शकों को सशक्त बनाने में #fightingfearwithfacts पर ध्यान केंद्रित किया है। यही वजह है कि भले ही यह फ्री-टू-एयर चैनल न हो, लेकिन फिर भी ‘टाइम्स नाउ’ ने इंप्रेशन्स में एक बड़ी और अभूतपूर्व उछाल दर्ज की है।

इसी तरह से जनता कर्फ्यू के दिन, ‘नेटवर्क18’ (Network18) ने 22 करोड़ दर्शकों तक अपनी पहुंच बनायी, जो कि उसके लिए अब तक सबसे ज्यादा है। नेटवर्क इसे अपनी उस टीम की जीत मानता है, जो लॉकडाउन के दौरान भी हर दिन देर-देर तक कड़ी मेहनत कर रही है। ‘नेटवर्क18’ (टेलिविजन न्यूज) के सीईओ अविनाश कौल ने कहा कि यह समय ‘नेटवर्क18’ में हमारी टीम्स के प्रयासों की सराहना करने का है, जो देश में लॉकडाउन के बीच हर पल दर्शकों के लिए निर्बाध खबरें पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे फ्रंटलाइन रिपोर्टर्स, एडिटर्स, कैमरापर्सन, टेक्नीशियन और सपोर्ट स्टाफ अथक रूप से लगातार खबरों की चौतरफा कवरेज कर रहे हैं और इसी वजह से यह नंबर हमारे नेटवर्क की ताकत का बखान कर रहा है।

कौल ने यह भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान 19 करोड़ दर्शकों को हम रोजाना सबसे तेज, सबसे सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुंचा रहे हैं और इसी का ही यह परिणाम है। हम मानते हैं कि ऐसे समय पर ही सबसे बेहतर नेटवर्क होने की ताकत पहचान में आती है। कौल ने कहा कि इंग्लिश में जनरल न्यूज की बात हो, देश की 14 मुख्य भाषाओं में से किसी एक की बात हो, स्टॉक या कमोडिटी से संबंधित बिजनेस न्यूज की बात हो, फाइनेंशियल एनालिस्ट की बात हो, बिजनेस फ्रैटनिटी की बात हो, स्टार्ट अप्स या फिर छोटे और मझोले उद्यमियों की बात हो- नेटवर्क18 हमेशा आपके लिए है।
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