आधुनिक पत्रकारिता का स्वर्णिम काल

  आलोक मेहता अखबार में वैचारिक स्वतंत्रता और विविधता के लिए राजेंद्र माथुर  ने अपनी सम्पादकीय टीम में कट्टर हिंदुत्ववादी, समाजवादी, कांग्रेसी,कम्युनिस्ट विचारों वाले सहायक सम्पादक रखे। प्रमुख सम्पादकीय स्वयं माथुर साहब ही लिखते अथवा उनके विचार और निर्णय पर आधारित होता। लेकिन सम्पादकीय पृष्ठ पर सहयोगी अथवा भिन्न राय रखने वाले लेखकों, पत्रकारों को … Continue reading आधुनिक पत्रकारिता का स्वर्णिम काल