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Tag Archives: Corporate Journalism

विज्ञान का प्रसार और मीडिया की सहभागिता

रश्मि वर्मा। विज्ञान हमारे जीवन के हर पहलू से जुड़ा है। आज विज्ञान ने न केवल मानव जीवन को सरल व सुगम बनाया है अपितु भविष्य के अगत सत्य को खोजने का साहस भी दिया है। प्रकृति के रहस्यों को समझने के लिए जहां विज्ञान एक साधन बनता है वहीं ...

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क्या है सोशल मीडिया की सामाजिकता?

शालिनी जोशी। यहां लोगों का, मस्तिष्क, मस्तिष्क से संचार करता है काला गोरे से नहीं, यहां कोई रंगभेद नहीं आदमी औरत से नहीं, यहां कोई लिंगभेद नहीं युवा बुज़ुर्ग से नहीं, यहां कोई उम्र सीमा नहीं छोटा लंबे से नहीं, ख़ूबसूरत साधारण से नहीं, यहां कोई रूप नहीं यहां सिर्फ़ ...

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राजनीति के मीडियाकरण का दौर: सरकारी योजनाओं पर आलोचनात्मक क्यों नहीं है मीडिया?

सीमा भारती। इन दिनों टेलीविज़न पर प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन से सम्बद्ध एक विज्ञापन दिखाया जा रहा है। इस विज्ञापन में “जहां सोच वहां शौचालय” के टैग लाइन के साथ शौचालय बनवाओ और इस्तेमाल करो की बात कही जाती है। संदेश देने वाली अभिनेत्री विद्या बालन है, जिसकी छवि एक ...

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संचार मॉडल: अरस्तू का सिद्धांत

डॉ. कुमार राज्यवर्धन। संचार की प्रक्रिया का अध्ययन एक विज्ञान है। यह प्रक्रिया जटिल है। विभिन्न विद्वानों ने विभिन्न तरीके से इस प्रक्रिया का वर्णन किया है। संचार की प्रक्रिया को बताने वाला चित्र मॉडल कहलाता है। इन मॉडलों से हमें संचार की गतिशील और सक्रिय प्रक्रिया समझने में आसानी ...

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संचार की सत्ता और संस्कृति

शिवप्रसाद जोशी। अंतरराष्ट्रीय संचार की मनोवृत्तियों की स्पष्ट झलक देखने और इसे समझने के लिए हाल के वर्षों का सबसे सटीक उदाहरण है वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति उगो चावेज़ का निधन। चावेज़ की मौत से जुड़ी ख़बरों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और समाचार एजेंसियों के रुख़ का पता चलता है। इससे उस ...

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मीडिया विकास से विकास तक

डॉ. राजेश कुमार। ऐसी आम धारणा है कि विकास का सीधा असर व्यक्ति, समाज तथा राष्ट्र के विकास पर होता है। इसे m 4 D (Media for Development) या C 4 D (Communication for Development) के रूप में कई शोध लेखों में परिभाषित किया गया है (मेलकोट एवं स्टीव, 2001)। ...

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न्‍यूज और उसके आवश्‍यक तत्‍व

शैलेश और डॉ. ब्रजमोहन। इंसान आज चांद से होता हुआ मंगल पर कदम रखने की तैयारी कर रहा है और उसकी खोजी आंखे बिग बैंग (महाविस्‍फोट) में धरती के जन्‍म का रहस्‍य तलाश रही है। दरअसल इंसान को समय के पार पहुंचाया है, उसकी जिज्ञासा ने। सब कुछ जानने की ...

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24 फ्रेम : संयोजन के मूल सिद्धान्त

आकांक्षा शर्मा। वीडियो और फिल्म मेकिंग नई उंचाईयों तक पहुँच चुका है। तकनीक में प्रतिदिन इज़ाफ़ा हो रहा है और हर रोज़ बेहतर कैमरे ईजाद किए जा रहे हैं। परन्तु यह समझना बहुत जरुरी है कि इसकी शुरुआत कहां से और कैसे हुई। फोटोग्राफी के ईजाद होने के तक़रीबन सात ...

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जनसंचार: आखिर विकल्प क्या हैं?

देवाशीष प्रसून। पूंजी संकेन्द्रण की अंधी दौड़ में मीडिया की पक्षधरता आर्थिक और राजनीतिक लाभ हासिल करने में है। कभी-कभार वह जनपक्षीय अंतर्वस्तु का भी संचरण करता है, परंतु जनहित इनका उद्देश्य न होकर ऐसा करना केवल आमलोगों के बीच अपनी स्वीकार्यता बनाये रखने हेतु एक अनिवार्य अभ्यास है। मीडिया ...

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वेब मीडिया: चुनौतियां एवं संभावनाए

सुनील श्रीवास्तव। यह समय संचार क्रान्ति का है। वेब मीडिया का कैनवास निरन्तर बड़ा होता जा रहा है‚ इसके आयाम भी बदले हैं। वेब मीडिया ने पारम्परिक संचार माध्यमों को पीछे छोड़ उस पर अपना अधिकार पूर्णतयः भले ही न जमा लिया हो‚ लेकिन अपनी जमीन भविष्य के लिए पुख्ता ...

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…सवाल ये कि हम पत्रकार बनें ही क्यों?

महेंद्र नारायण सिंह यादव। अगर आप पत्रकारिता कर रहे हैं या पत्रकारिता के क्षेत्र में आना चाहते हैं तो एक सवाल का सामना आपको कहीं न कहीं ज़रूर करना पड़ा होगा या पड़ सकता है कि आप पत्रकार क्यों बनना चाहते हैं। आखिर आप अपने सामने मौजूद तमाम आकर्षक पेशों ...

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ब्लॉगिंग : बांटिये अपनी पसंद लोगों में साथ

अशोक पान्डे। इन्टरनेट पर अपने अनुभव बाकी लोगों के साथ बांटने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक तरह की व्यक्तिगत डिजिटल डायरी के लिए वैब्लॉग शब्द का प्रयोग सबसे पहले 17 दिसम्बर 1997 को जोर्न बार्जर द्वारा किया गया था। बार्जर रोबोट विस्डम नाम की अपनी एक वैबसाइट पर ...

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