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वेब जर्नलिज्‍म : नए जमाने के मीडिया को ऐसे समझें

विजय के. झा।  प्रिंट और ब्रॉडकास्‍ट के बाद अब जमाना न्‍यू मीडिया का है। जवानी की ओर बढ़ रहे इस मीडिया ने नौजवानों को अपनी ओर खूब खींचा है। न्‍यू मीडिया यानी क्‍या परिभाषा के लिहाज से देखें तो न्‍यू मीडिया में वेबसाइट, ऑडियो-वीडियो स्‍ट्रीमिंग, चैट रूम, ऑनलाइन कम्‍युनिटीज के ...

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कैसे नाम पड़ा ‘आज तक’?

क़मर वहीद नक़वी | ‘आज तक’ का नाम कैसे पड़ा ‘आज तक?’ बड़ी दिलचस्प कहानी है. बात मई 1995 की है. उन दिनों मैं ‘नवभारत टाइम्स,’ जयपुर का उप-स्थानीय सम्पादक था. पदनाम ज़रूर उप-स्थानीय सम्पादक था, लेकिन 1993 के आख़िर से मैं सम्पादक के तौर पर ही अख़बार का काम ...

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हर ख़बर सच नहीं, हर सच ख़बर नहीं

सुभाष धूलिया| आज यह कहा जाता है कि मानव सभ्यता सूचना युग में प्रवेश कर रही है। पिछले 50 वर्षों में संचार और सूचना के क्षेत्र में एक क्रांति आई है। आज दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली किसी घटना की जानकारी हमे चंद पलों में मिल जाती ...

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कहाँ होती है असली ख़बर?

क़मर वहीद नक़वी। एक पत्रकार में सबसे बड़ा गुण क्या होना चाहिए? बाक़ी बातें तो ठीक हैं कि विषय की समझ होनी चाहिए, ख़बर की पकड़ होनी चाहिए, भाषा का कौशल होना चाहिए आदि-आदि। लेकिन मुझे लगता है कि एक पत्रकार को निस्सन्देह एक सन्देहजीवी प्राणी होना चाहिए, उसके मन ...

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विजुअल मीडिया: गुणवत्‍ता से समझौता कभी न करें

मनोरंजन भारती | मैनें उन गिने चुने लोगों में से जिसने अपने कैरियर की शुरूआत टीवी से की। हां, आईआईएससी में पढ़ने के दौरान कई अखबारों के लिए फ्री लांसिंग जरूर की। लेकिन संस्‍थान से निकलते ही विनोद दुआ के परख कार्यक्रम में नौकरी मिल गई। यह कार्यक्रम दूरदर्शन पर ...

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दुनिया एक, स्वर अनेक : संचार और समाज, ऐतिहासिक आयाम

Many Voices One World, also known as the MacBride report, was a UNESCO publication of 1980 but still relevant to understand contemporary communication issues. The publication is a classic in the study of communication. The commission was chaired by Irish Nobel laureate Seán MacBride. Among the problems the report identified were concentration of the media, ...

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आवाज़ का ही दूसरा नाम है प्रसारण

हर्ष रंजन। अगर हम कहें कि आवाज़ का ही दूसरा नाम प्रसारण है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। आवाज़ ही प्रसारण के लिए सब कुछ है। प्रसारण की दुनिया में काम करने की पहली और आखिरी शर्त आवाज़ ही होती है। आपकी आवाज़ प्रसारण योग्य हो तभी रेडियो जॉकी या समाचार ...

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बड़ी खबर : निरंतरता को तोड़कर अचानक पेश की जाती है

कुमार कौस्तुभ। मीडिया, खासकर समाचारों की दुनिया की शब्दावली में ‘बड़ी खबर’ जाना-पहचाना टर्म है। आमतौर पर इसे ‘हेडलाइन’ भी माना जाता है। लेकिन, ‘हेडलाइन’ और ‘बड़ी खबर’ की टर्मिनोलॉजी में कुछ बुनियादी फर्क है जिसे ‘बड़ी खबर’ पर चर्चा करने से पहले साफ कर देना जरूरी है। टीवी और ...

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आसान नहीं आर्थिक मुद्दों की प्रोग्रामिंग

अजय कुमार मिश्रा। राजनीतिक मामले हो या फिर आर्थिक अथवा सामाजिक मुद्दा, किसी भी टीवी प्रोग्राम के लिए विषयवस्तु अलग अलग हो सकती है लेकिन उसका व्याकरण कमोबेश एक सा होता है… किसी भी टीवी प्रोग्रामिंग के कान्सेप्ट पर निर्भर करता है कि आप कैसे उसको अमली जामा पहनाने के ...

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टीवी रिपोर्टिंग सबसे तेज, लेकिन कठिन और चुनौती भरा काम

शैलेश और डॉ. ब्रजमोहन | पत्रकारिता में टीवी रिपोर्टिंग आज सबसे तेज, लेकिन कठिन और चुनौती भरा काम है। अखबार या संचार के दूसरे माध्‍यमों की तरह टीवी रिपोर्टिंग आसान नहीं। टेलीविजन के रिपोर्टर को अपनी एक रिपोर्ट फाइल करने के लिए लम्‍बी मशक्‍कत करनी पड़ती है। रिपोर्टिंग के लिए ...

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कैसे शुरू करें विज्ञान लेखन?

देवेंद्र मेवाड़ी। मैंने विज्ञान लेखन कैसे शुरू किया? अपने आसपास की घटनाओं को देखा, मन में कुतूहल हुआ, उनके बारे में पढ़ा, लगा कितनी रोचक बात है- मुझे दूसरों को भी बताना चाहिए। सर्दियों की शुरूआत में हमारे गांव का सारा आकाश प्रवासी परिंदों से भर जाता था। मां ने ...

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मीडिया और लोकतंत्र : एक दूसरे से पूरक या विरोधी

राजेश कुमार।  यह शोध पत्र मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर मीडिया और विभिन्न देशों की राजनीतिक‚ सामाजिक‚ आर्थिक और सांस्कृतिक व्यवस्था के साथ उसके अंतरसंबंधों पर प्रकाश डालता है। विभिन्न समयकाल में विकसित होने वाली राजनीतिक व्यवस्थाओं ने मीडिया को किस हद तक प्रभावित किया? इन परिस्थितियों में मीडिया ...

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