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डॉ. गोविंद सिंह

डॉ. गोविंद सिंह
डॉ. गोविंद सिंह

प्रोफ़ेसर गोविंद सिंह उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के पत्रकारिता एवम मीडिया अध्ययन विद्याशाखा के निदेशक हैं. आरंभिक शिक्षा गाँव में ही. उच्च शिक्षा- चंडीगढ़ में. बी ए आनर्स (हिंदी) में पंजाब विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया. एम् ए., एम् फिल (हिंदी) में भी प्रथम श्रेणी प्रथम स्थान. पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन और पीएच डी भी पंजाब विश्वविद्यालय से ही. पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म भारतीय विद्या भवन से. संपादन के पर्चे में देश भर में प्रथम. फ्रैंक मोरेस पदक प्राप्त. राष्ट्र की भावात्मक एकता पर निबंध में हजारी प्रसाद द्विवेदी स्वर्ण पदक.

हिंदी पत्रकारिता में समग्र योगदान के लिए राष्ट्रपति के हाथों गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार- हिंदी सेवी सम्मान. बलराज साहनी राष्ट्रीय पुरस्कार, उत्तराखंड गौरव सम्मान और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का विशिष्ट शिक्षक सम्मान.

पत्रकारीय स्वतंत्र लेखन 1978 से. 1982 में टाइम्स आफ इंडिया ग्रुप में प्रशिक्षार्थी पत्रकार के रूप में शुरुआत. धर्मयुग और नव भारत टाइम्स में प्रशिक्षण के बाद नव भारत टाइम्स, मुंबई में उप संपादक. चार वर्ष तक अखबार के लिए नियमित नाट्य समीक्षा की.

नव भारत टाइम्स, दिल्ली में 1990 से 1999 तक सहायक संपादक. इस दौरान अखबार का साप्ताहिक परिशिष्ट ‘रविवार्ता’ और बाद के चार वर्ष सम्पादकीय पृष्ठ का का प्रभार. 1999 से 2002 तक जी न्यूज और आजतक चैनलों में क्रमशः डिप्टी एडिटर और वरिष्ठ निर्माता और उनके अनुसंधान विभागों का प्रभारी. 2002 में आउटलुक साप्ताहिक शुरू होने पर असोशिएट एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और पत्रिका की आरंभिक संरचना बनाने और स्तरीय स्वरुप देने में योगदान.

2003 में अमेरिकी दूतावास से प्रकाशित होने वाली पत्रिका स्पैन का हिन्दी संस्करण शुरू हुआ तो इसके संपादक का दायित्व मिला.

2005 में असोशिएट एडिटर के तौर पर दैनिक अमर उजाला ज्वाइन किया. और इसके फीचर और विचार पृष्ठों का कार्यभार सम्भाला. दो वर्ष में ही अमर उजाला में कार्यकारी संपादक बन गया. और मुख्य संस्करण के अतिरिक्त कई कम्पैक्ट संस्करणों का भी कार्यभार. अमर उजाला बरेली और दिल्ली संस्करणों का संपादन. मार्च 2010 से अगस्त 2011 तक हिन्दुस्तान और कादम्बिनी में कार्यकारी संपादक का दायित्व.

 दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैम्पस में 15 वर्षों तक हिन्दी पत्रकारिता में विजिटिंग फैकल्टी के तौर पर अध्यापन. साथ ही भारतीय जनसंचार संस्थान, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, राजस्थान विश्वविद्यालय और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, वाईएमसीए तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से भी जुडाव..

अब अगस्त 2011 से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में पत्रकारिता एवम जनसंचार में प्रोफ़ेसर एवम अध्यक्ष.

दो अनुदित और दो संपादित पुस्तकें प्रकाशित. दो पुस्तकें प्रकाशनाधीन.

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