Home / Tag Archives: स्वतंत्र मिश्र

Tag Archives: स्वतंत्र मिश्र

लुगदी या लोकप्रिय : मुख्यधारा के मुहाने पर

Literature

स्वतंत्र मिश्र लुगदी कहकर जिस साहित्य को अब तक खारिज किया जाता रहा, उसे मुख्यधारा में तवज्जो मिलने लगी है। वर्दी वाला गुंडा, पतझड़ का सावन, सूरजमुखी, प्सासी नदी, प्यासे रास्ते, झील के उस पार, शर्मीली, चिंगारी, पाले खां, चेंबूर का दादा, लाल निशान, नरक का जल्लाद, पिशाच का प्यार, ...

Read More »

अनुवाद एक अनबूझ और खतरों से भरी शैली

translation

स्वतंत्र मिश्र।… मूल रचनाकार अपनी रौ में लिखता जाता है, उस पर कोई बंदिश नहीं होती। लेकिन अनुवादक को रेलगाड़ी की तरह पटरी पर चलना पड़ता है ‘प्रकाशक प्रति शब्द 10 या 15 पैसे देता है। इसके बाद आप उम्मीद करें कि बढ़िया अनुवाद हो जाए। क्या यह संभव है? ...

Read More »

मीडिया और उपभोक्तावादी संस्कृति

Consumer-Culture

स्वतंत्र मिश्र। विज्ञापनदाता कंपनियों का दबाव मीडिया संस्थाओं पर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। यह दबाव अब खतरनाक स्थिति में पहुँच चुका है क्योंकि अब विज्ञापन को संपादकीय सामग्री की शक्ल में प्रकाशित और प्रचारित किया जाने लगा है। यह काम सभी बड़े चैनलों और पत्र-पत्रिकाओं में धड़ल्ले से हो ...

Read More »