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Tag Archives: social media

सावधान रहिए साइबर हमलावरों से

cyber crime

मुकुल श्रीवास्तव | कैस्परस्की की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार ग्रैबिट नामके एक वाइरस अटैक ने छोटी और मझोली व्यवसायिक कंपनियों के दस हजार से ज्यादा फाइलें चुरा लीं इनमें से ज्यादातर कम्पनियाँ थाईलेंड ,भारत और अमेरिका में स्थित हैं जो केमिकल ,नैनो टेक्नोलोजी ,शिक्षा ,कृषि ,मीडिया और निर्माण के ...

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सुदृढ़ हिंदी के साथ जरूरी है अच्छा इंग्लिश ज्ञान

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मुकुल व्यास | एक जमाना था जब हिंदी के अखबारों को प्रमुख ख़बरों के लिए इंग्लिश संवाद एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था। शुरू-शुरू में अस्तित्व में आईं हिंदी संवाद एजेंसिया खबरों की विविधता और विस्तृतता के मामले में इंग्लिश संवाद एजेंसियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाती थीं। धीरे-धीरे स्थितियां ...

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फोटोग्राफी में ऐपर्चर की भूमिका

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अमित कुमार & पूनम गौड़ | ऐपर्चर लेंस में स्थित वह दरवाजा / छिद्र है जिससे होकर प्रकाश की किरणें कैमरे के अन्दर प्रवेश करती हैं. इस दरवाजे / छिद्र के आकार को फोटोग्राफर अपनी आवश्यकता के अनुसार परिवर्तित कर सकता है. ऐपर्चर फोटोग्राफी में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ...

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मीडिया, मिशन और मुनाफे की जिद

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धनंजय चोपड़ा। समय बदला, समाज बदला, सोच बदली और इन सबके साथ पत्रकारिता के सरोकार भी बदले। मिशन को खूंटी पर टांग कर पत्रकारिता के अधिकांश अलम्बरदार पहले मार्केट और फिर मुनाफे की दौड़ और आगे निकल जाने की होड़ में शामिल हो गये। मार्केट, मनी, मसल्स और मुनाफे के ...

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जन सम्‍पर्क के सिद्धांत, क्या ये अवैज्ञानिक है?

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जयश्री एन. जेठवानी, नरेन्‍द्र नाथ सरकार | क्‍या जन-सम्‍पर्क बिना किसी वैज्ञानिक सिद्धान्‍त पर आधारित तकनीक है? इसके आलोचक निश्चित रूप से हां कहेगें, लेकिन इस क्षेत्र से जुड़े पेशेवर और शिक्षाविद् इससे कतई सहमत नहीं होगें। 1920 के दशक में जब जन-सम्‍पर्क की अवधारणा शुरूआती स्‍तर पर थी तो एडवर्ड ...

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ख़बरिया चैनलों की भाषा

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अतुल सिन्हा। करीब डेढ़ दशक पहले जब टेलीविज़न न्यूज़ चैनल्स की शुरुआत हुई तो इसकी भाषा को लेकर काफी बहस मुबाहिसे हुए … ज़ी न्यूज़ पहला न्यूज़ चैनल था और यहां जो बुलेटिन बनते थे उसमें हिन्दी के साथ साथ अंग्रेज़ी भी शामिल होती थी जिसे बोलचाल की भाषा में ...

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इंटरनेट ने बदला पत्रकारिता का स्वरूप

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हर्षदेव। समाचार लेखन के लिए पत्रकारों को जो पांच आधारभूत तत्व बताए जाते हैं, उनमें सबसे पहला घटनास्थल से संबंधित है। घटनास्थल को इतनी प्रमुखता देने का कारण समाचार के प्रति पाठक या दर्शक का उससे निकट संबंध दर्शाना है। समाचार का संबंध जितना ही समीपी होता है, पाठक या ...

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विज्ञान का प्रसार और मीडिया की सहभागिता

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रश्मि वर्मा। विज्ञान हमारे जीवन के हर पहलू से जुड़ा है। आज विज्ञान ने न केवल मानव जीवन को सरल व सुगम बनाया है अपितु भविष्य के अगत सत्य को खोजने का साहस भी दिया है। प्रकृति के रहस्यों को समझने के लिए जहां विज्ञान एक साधन बनता है वहीं ...

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क्या है सोशल मीडिया की सामाजिकता?

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शालिनी जोशी। यहां लोगों का, मस्तिष्क, मस्तिष्क से संचार करता है काला गोरे से नहीं, यहां कोई रंगभेद नहीं आदमी औरत से नहीं, यहां कोई लिंगभेद नहीं युवा बुज़ुर्ग से नहीं, यहां कोई उम्र सीमा नहीं छोटा लंबे से नहीं, ख़ूबसूरत साधारण से नहीं, यहां कोई रूप नहीं यहां सिर्फ़ ...

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राजनीति के मीडियाकरण का दौर: सरकारी योजनाओं पर आलोचनात्मक क्यों नहीं है मीडिया?

Media-Government

सीमा भारती। इन दिनों टेलीविज़न पर प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन से सम्बद्ध एक विज्ञापन दिखाया जा रहा है। इस विज्ञापन में “जहां सोच वहां शौचालय” के टैग लाइन के साथ शौचालय बनवाओ और इस्तेमाल करो की बात कही जाती है। संदेश देने वाली अभिनेत्री विद्या बालन है, जिसकी छवि एक ...

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संचार मॉडल: अरस्तू का सिद्धांत

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डॉ. कुमार राज्यवर्धन। संचार की प्रक्रिया का अध्ययन एक विज्ञान है। यह प्रक्रिया जटिल है। विभिन्न विद्वानों ने विभिन्न तरीके से इस प्रक्रिया का वर्णन किया है। संचार की प्रक्रिया को बताने वाला चित्र मॉडल कहलाता है। इन मॉडलों से हमें संचार की गतिशील और सक्रिय प्रक्रिया समझने में आसानी ...

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संचार की सत्ता और संस्कृति

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शिवप्रसाद जोशी। अंतरराष्ट्रीय संचार की मनोवृत्तियों की स्पष्ट झलक देखने और इसे समझने के लिए हाल के वर्षों का सबसे सटीक उदाहरण है वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति उगो चावेज़ का निधन। चावेज़ की मौत से जुड़ी ख़बरों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और समाचार एजेंसियों के रुख़ का पता चलता है। इससे उस ...

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